जिनके पास सत्ता है
वो-
सब चोर हैं
बदमाश हैं
धोखेबाज हैं
भ्रष्टाचार में लिप्त हैं
जिनके पास नहीं है
वो -
सब साधु हैं
नेक हैं
इमानदार हैं
सदाचार ही उनका जीवन है
यही इस सत्ता की लड़ाई
का नियम है
कि
वो कब वो
बन जाते हैं
इसका पता खुद उनको
भी नहीं चलता
दुख इस बात का है
कि हर बार
इस दौरान
कुछ चंद हजार-लाख
इंसानी जिंदगियाँ
मिट्टी की ढेरी में
बदल जाती हैं
और मजा इस बात में
कि ये बदलाव
शायद ही कभी स्थायी
हो पायेगा।
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Monday, March 8, 2010
Saturday, March 6, 2010
नारियल पानी
हर बार जब नारियल पानी पीता हूँ तो यही सोचता हूँ कि आखिर इस बन्द डिब्बे के अन्दर पानी आता कहाँ से है। सो आज इन्टरनेट खंगालने की सोची। कुछ खास हाथ नहीं आया हाँ नारियल पानी पीने के ढेर सारे फायदों का पता जरुर चला।
पानी के अन्दर जाने का रहस्य उद्घाटित होना अभी बाकी है।
Wednesday, March 3, 2010
सबसे बड़ा आश्चर्य....
यक्ष ने पुछा
बोलो इस संसार का सबसे
बड़ा आश्चर्य
क्या है?
उसने कहा
रोज सैकड़ों की संख्या
में हो रही मौतें
कड़वा ... ही सही पर
बनावटी नहीं
सैकड़ों की संख्या में
जलती दफन होती
लाशें
भयावह सही पर
झूठी नहीं
तिस पर भी खुद को
अमर माने बैठा
अफसोस करता और
हर बार विदा हो चुके
को बेचारे की संज्ञा देता
इंसान...
भला इससे बड़ा
आश्चर्य
और
क्या हो सकता है?
बोलो इस संसार का सबसे
बड़ा आश्चर्य
क्या है?
उसने कहा
रोज सैकड़ों की संख्या
में हो रही मौतें
कड़वा ... ही सही पर
बनावटी नहीं
सैकड़ों की संख्या में
जलती दफन होती
लाशें
भयावह सही पर
झूठी नहीं
तिस पर भी खुद को
अमर माने बैठा
अफसोस करता और
हर बार विदा हो चुके
को बेचारे की संज्ञा देता
इंसान...
भला इससे बड़ा
आश्चर्य
और
क्या हो सकता है?
Friday, February 19, 2010
Thursday, February 18, 2010
"Русский Крyжок"
Yesterday at 6:00 o'clock in the evening "Russian Circle" of our university witnessed its first gathering . The idea is to invite native Russian speaking students of our university for an interactive talk session with the Indian students and teachers of our school (SRS). Prof. R.S. Wadhawa Head, Research and Creative Sources Generation Center (RCSGC) is the key person involved in organizing and managing the activities of "РК".
Friday, February 12, 2010
रीढ़
इतना लचीला बनाओ
कि नाक सटे
घुटनें के बाद और
सिर का पिछला भाग
घुटनें के आगे
घोंट-घोंट कर लबसी
बना दो कि
जहें हाँथ डालो तहें
घुस जाए
और मिलाते रहो पानी
की अकड़नें न पाए।
कि अकड़नें और टुटनें
के बीच
उसके होनें, न होनें
के बीच
का अंतर ही
छु-मंतर हो जाए।
Thursday, February 4, 2010
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