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Thursday, April 7, 2011

CRS मार्च ऑन...

फेसबुक पर मिली मुझे यह तस्वीर। खींचने वाले का धन्यवाद कि अब यादगार के रुप में इसे संभाल लिया है मैने। इन्ही नौजवान साथियों के साथ के साथ शुरु किया था मैने रुसी पढ़ाने का सिलसिला। कुछ नटखट, कुछ सौम्य पर प्यार बहुत दिया मुझे इन्होने।

Wednesday, November 4, 2009

वरयाम सिंह सर...


रुसी काव्य का हिन्दी अनुवाद और वरयाम सिंह दोनों एक दुसरे के पर्याय बन चुके हैं।
आप जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में रुसी साहित्य के प्रोफेसर हैं

Monday, July 20, 2009

कल..

शायद वर्ष 2005 में खींची गई थी यह तस्वीर। रुसी अध्ययन केन्द्र, जे.एन.यु के द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद हम सब इकठ्ठा हुए थे। चार साल ही बीता है पर तस्वीर में मौज़ूद अधिकांस विद्यार्थी अब जे.एन.यु के छात्र नहीं रहे।
वो जो बीत गया......

Friday, March 20, 2009

सब बहुत याद आएंगे....

जेएनयू में अपने सेन्टर के सेकंड इयर के बच्चों के साथ आज मेरी आखिरी क्लास थीकिसी भी चीज़ के छूटने का दुःख तो होताही है सो इसका भी हैपर यह अच्छा है की दुःख कैसा भी हो स्थायी नही होतासोचता हूँ दुःख अगर स्थायी होने लगे तो जीनामुश्किल हो जाए लोगों काचाहें जैसा भी हो समय के साथ वह भी पीछे छूट ही जाता हैआगे जो बढ़ना है...सो चलो आगे बढ़तेहैंआगे यही बिताये पल जब याद आएंगे तो सुख देंगेकम से कम इस बात का तो फर्स्ट हैण्ड तज़रबा हम सब को है